धर्म की जय हो। image
अद्य गुरुवार विश्वावसु कार्तिक शुक्ल द्वितीया।
अर्थात यथेष्टचेष्टा अथवा अवैदिक आचरण से नास्तिकता बढेगी लोकसंग्रह के विपरीत।